October 2025

Dhami Mela धामी मेला: शिमला की घाटी में 400 साल पुरानी परंपरा “पत्थर मेला”

Dhami Mela : धामी मेला, शिमला के पास हलोग गांव में दिवाली के अगले दिन मनाया जाने वाला 400 साल पुराना “पत्थर मेला” है। यह अनूठा उत्सव माँ भद्रकाली की आराधना और वीरता की प्रतीक परंपरा को दर्शाता है, जिसमें दो टोलियाँ पारंपरिक रूप से पत्थरबाजी करती हैं। मानव बलि की प्रथा के अंत के बाद शुरू हुई यह परंपरा आज भी श्रद्धा और उत्साह से निभाई जाती है। रंगीन लोक-संस्कृति, हिमाचली व्यंजन और धामी की प्राकृतिक सुंदरता इसे एक अद्वितीय सांस्कृतिक अनुभव बनाती हैं।

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Kullu Dussehra Mela

Kullu Dussehra international Mela 300 से ज़्यादा देवी-देवताओं का आशीर्वाद

Kullu Dussehra 2025 : देवी-देवताओं की शोभा यात्रा: प्रत्येक दिन नई देव-पालकियाँ धालपुर मैदान में पहुँचती हैं और भगवान रघुनाथ जी का अभिवादन करती हैं, जिससे आस्था और उत्सव का बदलता हुआ रंगीन नजारा बनता है।

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