Himachal Culture हिमाचल संस्कृति

हिमाचल प्रदेश की संस्कृति और मुख्य त्योहार, लोक कला इत्यादि के लिए ।

Khushi Dei -The Mountain Villager : हिमाचल की पहाड़ी बेटी जो दुनिया को पहाड़ों का असली सुकून दिखा रही है ।

हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध व्लॉगर ख़ुशी -“द माउंटेन विलेजर” के बारे में पूरी जानकारी। उनकी जिंदगी, कंटेंट, चुनौतियां, हिमाचली संस्कृति और सफलता की कहानी।

Khushi Dei -The Mountain Villager : हिमाचल की पहाड़ी बेटी जो दुनिया को पहाड़ों का असली सुकून दिखा रही है । Read More »

बड़ा भंगाल की ओर: एक सफर जो पैरों से नहीं, हिम्मत से तय होता है |

Bada Bhangal trek : सिर्फ मैं और प्रकृति—बड़ा भंगाल की शांत वादियों में मेरी सोलो यात्रा ने मुझे सुकून, रोमांच और खुद से जुड़ने का अनुभव दिया।

बड़ा भंगाल की ओर: एक सफर जो पैरों से नहीं, हिम्मत से तय होता है | Read More »

LIPPA LOSAR – किन्नौर का अनोखा नए साल का जश्न – लिप्पा लोसर

Lippa Losal is the traditional New Year festival of Lippa village, Kinnaur (Himachal Pradesh) लिप्पा लोसर के दौरान लोग traditional attire पहनते हैं, prayers और rituals करते हैं और mask dances के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं। पूरा गांव मिलकर community bonding और nature के साथ harmony का जश्न मनाता है।

LIPPA LOSAR – किन्नौर का अनोखा नए साल का जश्न – लिप्पा लोसर Read More »

Lavi Mela Rampur अंतर्राष्ट्रीय लावी मेला: हिमाचल प्रदेश का ऐतिहासिक व्यापारिक उत्सव

Lavi Mela Rampur : आज भी लावी मेला ऊन, पशुधन, शॉल, किन्नौरी टोपी, हस्तशिल्प, जड़ी-बूटियों और तिब्बती वस्तुओं के खुले व्यापार के लिए प्रसिद्ध है। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक-नृत्य और पारंपरिक व्यंजन इस मेले को और भी जीवंत बनाते हैं।

Lavi Mela Rampur अंतर्राष्ट्रीय लावी मेला: हिमाचल प्रदेश का ऐतिहासिक व्यापारिक उत्सव Read More »

Budhi Diwali बूढ़ी दिवाली: हिमाचल प्रदेश की अनूठी सांस्कृतिक परंपरा

Budhi Diwali : जानिए हिमाचल प्रदेश के गाँवों में मनाई जाने वाली बूढ़ी दिवाली का इतिहास, परंपरा, सांस्कृतिक महत्व और उत्सव से जुड़े अनोखे रिवाज।

Budhi Diwali बूढ़ी दिवाली: हिमाचल प्रदेश की अनूठी सांस्कृतिक परंपरा Read More »

Raulane रौलाणे उत्सव: हिमाचल प्रदेश की प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा

Raulane उत्सव में दो पुरुष – रौला और रौलाणे – के बीच प्रतीकात्मक विवाह होता है, जो आध्यात्मिक आस्था और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रदर्शन है। यह उत्सव मार्च के आस-पास 5-7 दिनों तक चलता है और कलपा, कोठी जैसे गांवों में मुख्य रूप से आयोजित होता है।

Raulane रौलाणे उत्सव: हिमाचल प्रदेश की प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा Read More »

Jagra Mela खर्शाली जागरा उत्सव – हिमाचल की लोक परंपरा, आस्था और संस्कृति का पर्व

हिमाचल प्रदेश के खर्शाली क्षेत्र में मनाया जाने वाला जागरा उत्सव आस्था, लोक संगीत, नृत्य और सामाजिक एकता का प्रतीक है। जानिए इस पर्व का इतिहास, परंपराएं और सांस्कृतिक महत्व।

Jagra Mela खर्शाली जागरा उत्सव – हिमाचल की लोक परंपरा, आस्था और संस्कृति का पर्व Read More »

Dhami Mela धामी मेला: शिमला की घाटी में 400 साल पुरानी परंपरा “पत्थर मेला”

Dhami Mela : धामी मेला, शिमला के पास हलोग गांव में दिवाली के अगले दिन मनाया जाने वाला 400 साल पुराना “पत्थर मेला” है। यह अनूठा उत्सव माँ भद्रकाली की आराधना और वीरता की प्रतीक परंपरा को दर्शाता है, जिसमें दो टोलियाँ पारंपरिक रूप से पत्थरबाजी करती हैं। मानव बलि की प्रथा के अंत के बाद शुरू हुई यह परंपरा आज भी श्रद्धा और उत्साह से निभाई जाती है। रंगीन लोक-संस्कृति, हिमाचली व्यंजन और धामी की प्राकृतिक सुंदरता इसे एक अद्वितीय सांस्कृतिक अनुभव बनाती हैं।

Dhami Mela धामी मेला: शिमला की घाटी में 400 साल पुरानी परंपरा “पत्थर मेला” Read More »

Kullu Dussehra Mela

Kullu Dussehra 2026 international Mela 300 से ज़्यादा देवी-देवताओं का आशीर्वाद

Kullu Dussehra 2025 : देवी-देवताओं की शोभा यात्रा: प्रत्येक दिन नई देव-पालकियाँ धालपुर मैदान में पहुँचती हैं और भगवान रघुनाथ जी का अभिवादन करती हैं, जिससे आस्था और उत्सव का बदलता हुआ रंगीन नजारा बनता है।

Kullu Dussehra 2026 international Mela 300 से ज़्यादा देवी-देवताओं का आशीर्वाद Read More »

Bharmaur 84 भरमौर : भारत की शिवभूमि

भरमौर, हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक स्थल है जिसे ‘शिवभूमि’ कहा जाता है। यहाँ भगवान शिव के नाम से लगभग 100 से अधिक प्राचीन मंदिर हैं, जिनमें सबसे प्रसिद्ध चौरासी मंदिर परिसर है, जो लगभग 1,400 साल पुराना है। भरमौर, समुद्र तल से लगभग 2,195 मीटर की ऊँचाई पर बुद्धिल घाटी की गोद में बसा है और इसका पुराना नाम ‘ब्रह्मपुरा’ था

Bharmaur 84 भरमौर : भारत की शिवभूमि Read More »