Budhi Diwali बूढ़ी दिवाली: हिमाचल प्रदेश की अनूठी सांस्कृतिक परंपरा

Budhi Diwali : जानिए हिमाचल प्रदेश के गाँवों में मनाई जाने वाली बूढ़ी दिवाली का इतिहास, परंपरा, सांस्कृतिक महत्व और उत्सव से जुड़े अनोखे रिवाज।

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Raulane रौलाणे उत्सव: हिमाचल प्रदेश की प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा

Raulane उत्सव में दो पुरुष – रौला और रौलाणे – के बीच प्रतीकात्मक विवाह होता है, जो आध्यात्मिक आस्था और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रदर्शन है। यह उत्सव मार्च के आस-पास 5-7 दिनों तक चलता है और कलपा, कोठी जैसे गांवों में मुख्य रूप से आयोजित होता है।

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NARKANDA TRAVEL नारकंडा यात्रा गाइड 2026 | बर्फबारी, घूमने की जगहें और जाने का सही समय

Narkanda : नारकंडा, हिमाचल प्रदेश का एक खूबसूरत हिल स्टेशन है, जो शिमला जिले में समुद्र तल से करीब 2700 मीटर की ऊँचाई पर बसा हुआ है। हरियाली, मखमली घास, हरे-भरे जंगल और बर्फ से ढकी चोटियों के नजारे यहाँ आने वालों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। शिमला से नारकंडा की दूरी लगभग 60 किलोमीटर है और यहाँ तक सड़क, बस, ट्रेन और टैक्सी के साधन उपलब्ध हैं।

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Jagra Mela खर्शाली जागरा उत्सव – हिमाचल की लोक परंपरा, आस्था और संस्कृति का पर्व

हिमाचल प्रदेश के खर्शाली क्षेत्र में मनाया जाने वाला जागरा उत्सव आस्था, लोक संगीत, नृत्य और सामाजिक एकता का प्रतीक है। जानिए इस पर्व का इतिहास, परंपराएं और सांस्कृतिक महत्व।

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Dhami Mela धामी मेला: शिमला की घाटी में 400 साल पुरानी परंपरा “पत्थर मेला”

Dhami Mela : धामी मेला, शिमला के पास हलोग गांव में दिवाली के अगले दिन मनाया जाने वाला 400 साल पुराना “पत्थर मेला” है। यह अनूठा उत्सव माँ भद्रकाली की आराधना और वीरता की प्रतीक परंपरा को दर्शाता है, जिसमें दो टोलियाँ पारंपरिक रूप से पत्थरबाजी करती हैं। मानव बलि की प्रथा के अंत के बाद शुरू हुई यह परंपरा आज भी श्रद्धा और उत्साह से निभाई जाती है। रंगीन लोक-संस्कृति, हिमाचली व्यंजन और धामी की प्राकृतिक सुंदरता इसे एक अद्वितीय सांस्कृतिक अनुभव बनाती हैं।

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Kullu Dussehra Mela

Kullu Dussehra international Mela 300 से ज़्यादा देवी-देवताओं का आशीर्वाद

Kullu Dussehra 2025 : देवी-देवताओं की शोभा यात्रा: प्रत्येक दिन नई देव-पालकियाँ धालपुर मैदान में पहुँचती हैं और भगवान रघुनाथ जी का अभिवादन करती हैं, जिससे आस्था और उत्सव का बदलता हुआ रंगीन नजारा बनता है।

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Triund Trek 2025

Triund Trek: दोस्तों के साथ स्कूल ट्रिप का यादगार सफर

Triund Trek : त्रियुंड ट्रेक मैक्लोडगंज के पास स्थित एक beginner-friendly ट्रेक है, जो हरी-भरी पगडंडियों और धौलाधार पर्वत श्रृंखला के मनोरम दृश्य के लिए जाना जाता है।

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Bharmaur 84 भरमौर : भारत की शिवभूमि

भरमौर, हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक स्थल है जिसे ‘शिवभूमि’ कहा जाता है। यहाँ भगवान शिव के नाम से लगभग 100 से अधिक प्राचीन मंदिर हैं, जिनमें सबसे प्रसिद्ध चौरासी मंदिर परिसर है, जो लगभग 1,400 साल पुराना है। भरमौर, समुद्र तल से लगभग 2,195 मीटर की ऊँचाई पर बुद्धिल घाटी की गोद में बसा है और इसका पुराना नाम ‘ब्रह्मपुरा’ था

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Manimahesh 2025 मणिमहेश कैलाश यात्रा: भोले के धाम की अलौकिक यात्रा

Manimahesh Yatra : मणिमहेश यात्रा हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित पवित्र मणिमहेश झील और कैलाश पर्वत की यात्रा है, जिसे भगवान शिव का निवास माना जाता है। यह यात्रा हर साल जन्माष्टमी से राधाष्टमी के मध्य आयोजित की जाती है। भक्तजन भरमौर से होकर हड़सर तक वाहन द्वारा पहुँचते हैं और वहाँ से 13–14 किमी की कठिन लेकिन दिव्य पैदल यात्रा शुरू होती है।

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Minjar Mela, Chamba पहाड़ों का मिंजर मेला, चंबा – एक सांस्कृतिक धरोहर

Minjar Mela : हिमाचल प्रदेश के चंबा शहर में हर साल मनाया जाने वाला मिंजर मेला सांस्कृतिक धरोहर, लोक संगीत और धार्मिक आस्था का अनोखा संगम है। सावन महीने के दूसरे रविवार से शुरू होकर एक हफ्ते तक चलने वाला यह मेला रावी नदी और चंबा के ऐतिहासिक मंदिरों की पृष्ठभूमि में खास रौनक बिखेरता है।

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